आप’ पार्टी के लिए आई बड़ी खुशखबरी, केजरीवाल बोले – ‘सत्य की जीत हुई’

दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को बड़ी राहत दी है। लाभ के पद मामले में अयोग्य ठहराए गए ‘आप’ के 20 विधायकों के मामले में कोर्ट ने चुनाव आयोग की सिफारिश को खारिज कर दिया है। साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि विधायकों की याचिका पर दोबारा सुनवाई हो। इस फैसले के बाद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा – ‘सत्य की जीत हुई’।कोर्ट के फैसले के बाद ‘आप’ विधायक अलका लांबा ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हम विधायक बने रहेंगे। दिल्ली सरकार को गिराने की साजिश नाकाम हो गई है, उन लोगों को मुंह की खानी पड़ी है जो सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे थे। बता दें इस मामले में विधायकों की शुरू से ही दलील है थी कि कथित लाभ के पद को लेकर उनकी विधायकी रद्द किए जाने का चुनाव आयोग का फैसला असंवैधानिक है। आयोग ने कहा कि विधायकों ने राष्ट्रपति के 20 जनवरी के फैसले को चुनौती नहीं दी है जिसमें सिफारिशों को स्वीकार किया गया था।

जानिए क्या है पूरा मामला

‘आप’ पार्टी की दिल्ली सरकार ने मार्च 2015 में 21 विधायकों को संसदीय सचिव के पद पर नियुक्त किया था। इसे लाभ का पद बताते हुए प्रशांत पटेल नाम के वकील ने राष्ट्रपति के पास शिकायत की थी। पटेल ने इन विधायकों की सदस्यता खत्म करने की मांग की थी। हालांकि विधायक जनरैल सिंह के पिछले साल विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद इस मामले में फंसे विधायकों की संख्या 20 हो गई है।

चुनाव आयोग द्वारा इन ‘आप’ विधायकों को अयोग्‍य घोषित किया गया था –
शरद कुमार (नरेला विधानसभा)
सोमदत्त (सदर बाजार)
आदर्श शास्त्री (द्वारका)
अवतार सिंह (कालकाजी)
नितिन त्यागी (लक्ष्‍मी)
अनिल कुमार बाजपेयी (गांधी नगर)
मदन लाल (कस्‍तूरबा नगर)
विजेंद्र गर्ग विजय (राजेंद्र नगर)
शिवचरण गोयल (मोती नगर)
संजीव झा (बुराड़ी)
कैलाश गहलोत (नजफगढ़)
सरिता सिंह (रोहताश नगर)
अलका लांबा (चांदनी चौक)
नरेश यादव (महरौली)
मनोज कुमार (कौंडली)
राजेश गुप्ता (वजीरपुर)
राजेश ऋषि (जनकपुरी)
सुखबीर सिंह दलाल (मुंडका)
जरनैल सिंह (तिलक नगर)
प्रवीण कुमार (जंगपुरा)

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