राजनीति संन्यास के बाद, आखिर कर्नाटक विधानसभा में क्यों उतरी सोनिया गांधी ?

नई दिल्ली: पिछले कई सालों से राजनीति में दूरी बना चुकी सोनिया गांधी को आखिर क्यों कर्नाटक विधानसभा चुनाव में उतरना पड़ा? यूपी के पिछले विधानसभा चुनाव से पहले सोनिया गांधी ने 3 अगस्त 2016 को मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रोड़ शो करने उतरी थी। लेकिन इस रोड़ शो के दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई जिससे उनको बीच में रोड़ शो छोड़कर तुरंत एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाया गया। इसके बाद से सोनिया गांधी ने राजनीति और चुनावी अभियानों से अपने आप को दूर रखा था। इसी बीच भारत में कई विधानसभा चुनाव हुए लेकिन वो कहीं भी प्रचार करने नहीं गई।

सोनिया गांधी तो अपने संसदीय सीट के तहत आने वाली विधानसभा सीटों पर भी प्रचार करने नहीं गई। जिसका फायद भाजपा को यूपी विधानसभा चुनाव में मिला। लेकिन आज वो कर्नाटक विधानसभा के सियासी समर में उतरी हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है आखिरकार कर्नाटक में ही क्यों ? इसके पीछे कई कारण हैं और कई सियासी मायने दिख रहे हैं.

कर्नाटक विधानसभा को खोना नहीं चाहती है कांग्रेस
पंजाब के बाद कर्नाटक कांग्रेस का सबसे मजबूत किला है और ऐसे में अपने किले को बचाने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार वहां पर रैलियां करने के साथ-साथ मंदिर, मठों सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भी जा रहे हैं. इसके साथ कर्नाटक में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी डेरा जमाए हुए हैं. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है. ऐसे में सोनिया गांधी का प्रचार करना लाजमी है।

आखिर क्या है सोनिया और कर्नाटक के बीच का कनेक्शन?
सोनिया गांधी राजनीति में कदम रखने के बाद सबसे पहला चुनाव 1999 में यूपी के अमेठी के साथ कर्नाटक के बेल्लारी लोकसभा सीट से भी लड़ी थी। यह सीट सोनिया गांधी के खाते में गई थी। यहां से बीजेपी ने दिग्गज नेता सुषमा स्वराज को मैदान में उतारा था। और सुषमा स्वराज को मात देकर जीत हासिल की थी।

इंदिरा गांधी की कर्मभूमि भी थी कर्नाटक
आपको बता दें कि सोनिया गांधी की सास और देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी बेल्लारी को अपनी कर्म भूमि बनाया था. ऐसे में कर्नाटक का कांग्रेस से पुराना नाता भी है। यही वजह है कि सोनिया कोकर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी जिताने और अपना नाता जोड़ने के लिए उतरना पड़ा।

2019 लोकसभा का सेमीफाइनल यह कर्नाटक चुनाव
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2019 का सेमीफाइनल माना जा रहा है. इसीलिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने अपनी ताकत लगा दी हैं। ऐसे में कांग्रेस ने सिद्धारमैया के चेहरे पर दांव लगाया है, जो काफी हद तक उस पर खरे उतरते नजर आ रहे हैं। पिछले चार सालों में कर्नाटक पहला राज्य हैं, जहां कांग्रेस बीजेपी से किसी मायने में कमजोर नहीं दिख रही है।

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