वित्तमंत्री हसीब द्राबू ने कश्मीर पर दिया विवादित बयान, मुख्यमंत्री ने किया बर्खास्त

जम्मू एवं कश्मीर के बारे में विवादित बयान देने वाले पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री हसीब द्राबू को मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया। महबूबा के करीबी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने द्राबू को हटाने के अपने फैसले के बारे में राज्यपाल एन. एन. वोहरा को एक पत्र भेजकर सूचित कर दिया है।द्राबू ने यह बयान देकर राजनीतिक विवाद बढ़ा दिया है कि जम्मू एवं कश्मीर की समस्या न तो राजनीतिक समस्या है न ही यह हिंसाग्रस्त राज्य है।नौ मार्च को नई दिल्ली में ‘पीएचडी चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ के एक कार्यक्रम में द्राबू द्वारा बयान देने के बाद पीडीपी ने रविवार को उन्हें अपना मत स्पष्ट करने के लिए नोटिस भेजा था।द्राबू के बयान के बाद राज्य की मुख्यधारा में शामिल पार्टियों एवं अलगाववादियों, दोनों ने पीडीपी की आलोचना करते हुए कहा था कि यह बयान ‘सत्ता में बने रहने के लिए पार्टी द्वारा खुद को राजनीतिक रूप से बेच देने का सबूत है।’पीडीपी ने रविवार को कहा था कि वह राज्य की समस्या को एक राजनीतिक मुद्दा मानती है और पार्टी अपने अस्तित्व में आने के बाद से ही इसे बातचीत के माध्यम से सुलझाने का लगातार प्रयास करती रही है।दिलचस्प बात यह है कि द्राबू ने पीडीपी के मुख्य नीतिकर्ता की भूमिका निभाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन का मसौदा तैयार किया था।

साल 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के समर्थन से पीडीपी राज्य में सत्ता में आई थी। आपको बता दें कि साल 2015 में जम्मू-कश्मीर में बीजेपी-पीडीपी गठबंधन की सरकार बनने के बाद हसीब द्राबू को राज्य का वित्त मंत्री बनाया गया था। वो वर्ष 2005 से 2010 तक जम्मू-कश्मीर बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रह चुके हैं। द्राबू के वित्त मंत्री रहते हुए राज्य में जीएसटी काउंसिल की 14वीं मीटिंग और विशेष राज्य के रूप में जीएसटी को लागू कराने जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिये गए थे।

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