सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में 2022 तक मिलेंगे तीन लाख तक रोजगार

नई दिल्ली: श्रमिक संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में सौर ऊर्जा और वायु ऊर्जा के क्षेत्र में भविष्य में तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। 2022 तक देश में 175 गीगावट बिजली पैदा करने का उद्देश्य है। संगठन ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने उद्देश्य इस क्षेत्र में लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
संयुक्त राष्ट्र की श्रम एजेंसी का कहना है कि 2030 तक वैश्विक स्तर पर करीब 24 मिलियन नई पोस्ट अस्तित्व में आएंगी। एजेंसी ने ये भी कहा कि हरित अर्थव्यवस्था के लिए सही नीतियों का होना भी जरूरी है जो कि कर्मचारियों को अच्छा सामाजिक सुरक्षा का मौहाल मिलेगा। विश्व रोजगार और सामाजिक दृष्टिकोण 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने खुद से ही रिन्यूएबल सोर्स से 2022 तक 175 गीगावाट बिजली पैदा करने का लक्ष्य़ रखा है, जो कि भारत के कुल बिजली उत्पादन का करीब आधा है
रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि लक्ष्य को पूरा करने के लिए कर्मचारियों की पवन ऊर्जा परियोजनाओं और सौर ऊर्जा के कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाना होगा। यह भी कहा गया है कि डेनमार्क, एस्टोनिया, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, फिलिपींस, दक्षिण अफ्रीका के अलावा भारत जैसे देशों में पर्यावरणीय नीतियां और राष्ट्रीय विकास नीतियां हरित अभियान में कौशल विकास के लिए संदर्भ का काम करती हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2012-15 की पंचवर्षीय योजना में भारत की विकास नीति का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास के लिए व्यापक मानचित्र तैयार करना था।

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