अरुण जेटली का कांग्रेस पर निशाना – ' शीशे के घरों में रहने वालों को दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए '

नई दिल्लीः केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गांधी-नेहरू परिवार पर तीखा हमला बोलते हुए बुधवार को कहा कि यदि उनके ”पूंजी निर्माण का फॉरेंसिक ऑडिट” (आपराधिक दृष्टि से समीक्षा) हो जाए तो तथ्य खुद ही सब बयान कर देंगे। जेटली ने एक वेब पोर्टल पर प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि परंपरागत तौर पर कई लोगों ने रिश्वतखोरी के जरिए भ्रष्टाचार पर भरोसा किया गया होगा, लेकिन अब एक नया तरीका स्थापित कर दिया गया है।

जेटली ने कहा, ”राजनीतिक और वाणिज्यिक सौदे कराने वाले और अपना काम निपटा कर रातों-रात निकल लेने वाले आपको मनपसंद सौदों का सुख देते हैं। इसमें बहुत कम निवेश में कुछ खास लोगों को छप्पर फाड़ मुनाफा मिलता है ताकि वे अपने लिए पूंजी बना सकें।”

आगामी लोकसभा चुनावों के लिए भाजपा की प्रचार समिति के प्रमुख नियुक्त किए गए जेटली ने अपने ब्लॉग में लिखा, ”राजनीतिक इक्विटी (अंशपूंजी) से सद्भावना पैदा की जाती है। इससे आप फैसलों को प्रभावित कर पाते हैं।”

विस्तृत रूप से बताए बगैर उन्होंने लिखा, ”जब पोल खुल जाती है तो लाभार्थी ”चालाक कारोबारी फैसलों की आड़ में छुपने लगते हैं।” उन्होंने कहा, ”यदि कांग्रेस पार्टी के प्रथम परिवार के ‘पूंजी निर्माण का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए तो तथ्य खुद ही सब बयान कर देंगे। शीशे के घरों में रहने वालों को (दूसरों पर) पत्थर नहीं फेंकने चाहिए।”

जेटली ने ”क्या प्रधानमंत्री मोदी का पांच साल का पहला कार्यकाल भ्रष्टाचार पर निर्णायक मोड़ है? शीर्षक वाली ब्लॉग पोस्ट में यह बातें लिखी। ‘एजेंडा 2019 श्रृंखला में यह उनका तीसरा ब्लॉग है।”

केंद्रीय मंत्री के ब्लॉग का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ”बिचौलियों की कोई जगह नहीं। भ्रष्टाचार जरा भी बर्दाश्त नहीं। कोई फर्जी लाभार्थी बच कर निकल नहीं सकता। यह नया भारत है। भ्रष्टाचार खत्म करने और भ्रष्ट को दंडित करने के लिए हमने कड़ी मेहनत की है।”

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