अरुणाचल प्रदेश में 5.6 तीव्रता का आया भूकंप के झटके से सहमे लोग, असम में भी तेज झटके महसूस किए गए

नई दिल्ली : अरुणाचल प्रदेश, असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में शुक्रवार को दोपहर बाद 5.6 तीव्रता का भूकंप आया।मौसम विभाग की वेबसाइट के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग जिले में 10 किलोमीटर की गहराई में था। रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहर बाद करीब 2:52 बजे गुवाहाटी समेत असम के कुछ हिस्सों, नगालैंड के दीमापुर के साथ ही कई अन्य इलाकों में झटके महसूस किए गए।

अधिकारियों ने कहा कि इसमें अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उन्होंने बताया कि इससे संबंधित विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।

भूकंप को नापने का पैमाना क्या है?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

भूकंप आने पर क्या करें:
भूकंप आने से पहले इसकी जानकारी होने की संभावना नहीं होती है। ऐसे समय यह समझना मुश्किल होता है कि क्या करना उचित होगा। आज सुबह दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की खबर लगते ही लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल हो गया। ऐसे में आप कुछ उपाय अपनाकर खुद और अपने परिजनों को इस आपदा से बचा सकते हैं। ऐसे में मकान, दफ्तर या किसी भी इमारत में अगर आप मौजूद हैं तो वहां से बाहर निकलकर खुले में आ जाएं। इसके बाद खुले मैदान की ओर भागें। भूकंप के दौरान खुले मैदान से ज्यादा सुरक्षित जगह कोई नहीं होती। भूकंप आने की स्थिति में किसी बिल्डिंग के आसपास न खड़े हों। अगर आप ऐसी बिल्डिंग में हैं, जहां लिफ्ट हो तो लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। ऐसी स्थिति में सीढ़ियों का इस्तेमाल करना ही उचित होता है।

भूकंप के दौरान घर के दरवाजे और खिड़की को खुला रखें। इसके अलावा घर की सभी बिजली स्विच को ऑफ कर दें। अगर बिल्डिंग बहुत ऊंची हो और तुरंत उतर पाना मुमकिन न हो तो बिल्डिंग में मौजूद किसी मेज, ऊंची चौकी या बेड के नीचे छिप जाएं। भूकंप के दौरान लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो पैनिक न करें और किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं, ऐसे में स्थिति और बुरी हो सकती है।

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