बॉलीवुड के उभरते निर्देशक हैं अपूर्व लाखिया : हसीना क्वीन ऑफ मुंबई

नई दिल्ली। हाल में 22 सितंबर को बड़े पर्दे पर रिलीज फिल्म ‘’हसीना: क्वीन ऑफ मुंबई’’ काफी चर्चाओं में है। लेकिन इन चर्चाओं के बीच ही फिल्म के कलाकारों के अभिनय के साथ इस फिल्म के निर्देशक अपूर्व लाखिया के निर्देशन की खासी तारीफ की जा रही है। बता दें कि, फिल्म हसीना पारकर के लिए काफी रिसर्च की गई है। इसमें दाऊद की बहन हसीना के जीवन को दर्शाया गया है। इसमें श्रद्धा कपूर के अलावा उनके भाई सिद्धांत कपूर और एक्टर अंकुर भाटिया हैं। इस फिल्म में अंडरवर्ल्ड की दुनिया और उनके पारिवारिक ताल्लुकात को जिस तरह से पेश किया गया है, उसमें एक नयापन है। इस फिल्म के रिलीज होने से पहले ही अपूर्व ने यह साफ किया था कि यह फिल्म किसी भी कैरेक्टर को ग्लोरीफाई नहीं करेगी। उन्होंने कहा था कि उनकी यह फिल्म ‘मैरी कॉम’ या फिर ‘भाग मिल्खा भाग’ की तरह नहीं है जिसमें किसी व्यक्ति विशेष का ग्लोरिफिकेशन किया गया हो। हसीना पारकर बायोपिक है जिसमें हसीना पारकर के जीवन को दर्शाया गया है, जिनपर 88 केस लगे थे लेकिन वो कोर्ट में महज एक बार गईं थीं। भले ही यह फिल्म बड़े पर्दे पर बहुत सुर्खियां न बटोर पाई हो, लेकिन इस फिल्म को देखकर यह ज़रूर कह रहे हैं कि यह अवॉर्ड विनिंग फिल्म है। इस फिल्म से पहले भी अपूर्व के निर्देशन की खास बात रही कि वह पहले पटकथा लेखन खुद करते हैं और फिल्म निर्देशन। वर्ष 2003 में ‘मुंबई से आया मेरा दोस्त’ और 2005 में ‘एक अजनबी’ की शुरुआती सफलता के बाद वर्ष 2007 में उन्होंने लगातार दो हिट फिल्में दीं जिनमें ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ और ‘दस कहानियां’ शामिल हैं। इन सभी फिल्मों में पटकथा लेखन तथा निर्देशन से अपूर्व से बॉलीवुड को बता दिया कि वह अच्छे-अच्छों को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। इसके बाद वर्ष 2008 में ‘मिशन इस्तांबुल’, वर्ष 2013 में ‘जंजीर’ का रीमेक और वर्तमान में फिल्म ‘हसीना: द क्वीन ऑफ मुंबई’ बनाकर फिल्मी दुनिया में एक नई पहचान बना ली है। अपूर्व बताते हैं कि अब बस थोड़ा इंतजार कीजिए, दर्शकों को बड़े पर्दे पर एक के बाद एक धमाल देखने को मिलेगा।
2. विरासत से नहीं, संघर्ष से निर्देशक बने हैं अपूर्व
नई दिल्ली। हाल में 22 सितंबर को बड़े पर्दे पर रिलीज फिल्म ‘’हसीना: क्वीन ऑफ मुंबई’’ में फिल्म निर्देशक अपूर्व लाखिया के निर्देशन की चहुंओर तारीफ हो रही है। लेकिन अपूर्व के निर्देशन में सबसे खास बात है कि उन्हें निर्देशन की कला विरासत में नहीं बल्कि संघर्ष ने दी है। अपूर्व ने निर्देशन में अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2001 में फिल्म ‘लगान’ से की, जिस दौरान फिल्म अभिनेता आमिर खान को इस फिल्म में हॉलीवुड इनपुट की तलाश थी और उसी वक्त फिल्म अभिनेता फरहान अख्तर ने अपूर्व के नाम की सलाह दी, जिन्हें हॉलीवुड में कास्ट एंट क्रू का बेहतरीन अनुभव था। अपूर्व ने फिल्म ‘लगान’ में निर्देशक आशुतोष गोवारिकर के साथ बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया। इस फिल्म की ज़बरदस्त सफलता के साथ ही अपूर्व को दूसरी फिल्म ‘काम सूत्रः ए टेल ऑफ लव’ में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम करने का ऑफर मिला। इन्हीं संघर्षों के साथ ही वर्ष 2002 में अपूर्व में फिल्म ‘मुंबई से आया मेरा दोस्त’ से बतौर निर्देशक अपने करियर को नई ऊंचाई दी और इसी कड़ी में उन्होंने 22 सितंबर को बड़े पर्दे पर एक सुपरहिट फिल्म हिन्दी सिनेमा को दी, जिसमें अंडरवर्ल्ड के गोरखधंधे से साथ ही अंडरवर्ल्ड के रिश्तों की पोल-पट्टी खुलती नज़र आ रही है। अपूर्व के निर्देशन और पटकखा लेखन का कौशल देखकर अब यही लगता है कि बॉलीवुड को एक नया टैलेंड मिल गया है जो आने वाले समय में एक के बाद एक धमाकेदार फिल्म प्रस्तुत करने जा रहा है। फिल्म ’हसीना: क्वीन ऑफ मुंबई’ भले ही बड़े पर्दे पर बहुत सुर्खियां न बटोर पाई हो, लेकिन इस फिल्म को देखकर यह ज़रूर कह रहे हैं कि यह अवॉर्ड विनिंग फिल्म है।

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