दिल्ली सरकार उठाएगी अनुसूचित जाति के छात्रों की पढ़ाई का खर्च,हर साल 100 छात्रों को विदेश पढ़ने भेजेगी दिल्ली सरकार

नई दिल्ली: आर्थिक तंगी के कारण विदेश में पढ़ाई नहीं कर पाने वाले अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों का खर्च अब दिल्ली सरकार उठाएगी। आठ लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के 100 एससी छात्रों की विदेश में पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी। गुरुवार को दिल्ली सरकार की कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूर कर लिया गया है। हालांकि, योजना का लाभ एक परिवार में सिर्फ एक ही छात्र को मिलेगा।

समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि एसी श्रेणी के छात्र कई बार विदेशों में अलग-अलग पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए चयनित तो हो जाते हैं मगर पैसे की कमी के कारण वह पढ़ाई करने नहीं जा पाते हैं। इसलिए, सरकार ने ऐसे छात्रों को आर्थिक मदद करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि हम हर साल 100 छात्र को विदेश भेजेंगे। उनकी 5 से 20 लाख रुपये तक की मदद करेंगे। यह आर्थिक मदद उन छात्रों को नहीं मिलेगी जो विदेश में उसी विषय में पीएचडी या पढ़ाई करने जा रहे हों, जो कि वह पहले ही कर चुके हों।

दिल्ली में रहना जरूरी

सरकार ने अनुसूचित जाति के छात्रों को विदेश भेजने के लिए न्यूनतम योग्यता भी रखी है। वह देश का निवासी होने के साथ ही दिल्ली का भी कम से कम पांच साल का निवासी होना चाहिए।

इन पांच कोर्स के छात्रों को मदद मिलेगी

इंजीनियरिंग मैनेजमेंट
साइंस एंड एप्लायड साइंस
कृषि विज्ञान एंड मेडिसिन
इंटरनेशनल कॉमर्स अकाउंटिंग एंड फाइनेंस
मानवता और सामाजिक विज्ञान

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