खुद को मजदूर नंबर वन बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 42 करोड़ कामगारों को समर्पित की ये योजना

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वस्त्राल में प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने देश के 11 लाख 51 हजार लाभार्थियों तक 13.58 करोड़ रुपये की राशि पेंशन खातों में ट्रांसफर किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना देश के 42 करोड़ कामगारों को समर्पित है।

उन्होंने देशभर के सभी कामगारों को बधाई देते हुए कहा कि हमारे वैसे साथी जो घरों में सेवक के रूप में काम कर रहे हैं, कबाड़ से आजीविका कमाते हैं, खेत मजदूरी कर रहे हैं, सड़कों-घरों के निर्माण में जुटे हैं, रेहड़ी-ठेले चलाते हैं, बुनकर हैं, ऐसे कामों से जुड़े सभी कामगार साथियों को बहुत बधाई।

उन्होंने कहा कि मुझे एहसास है कि देश के करोड़ों गरीबों के मन में ये सवाल रहता था कि जब तक हाथ-पैर चलते हैं, तब तक तो काम भी मिल पाएगा, लेकिन जब शरीर कमजोर हो जाएगा तब क्या होगा? उम्र के उस पड़ाव में, जब आय का कोई साधन न हो, तो वो समय बहुत पीड़ादायक होता है। यही पीड़ा मेरे मन मस्तिष्क में थी। उसी पीड़ा में से इस योजना ने जन्म लिया है।

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खुद को मजदूर नंबर वन बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 42 करोड़ कामगारों को समर्पित की ये योजना

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वस्त्राल में प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने देश के 11 लाख 51 हजार लाभार्थियों तक 13.58 करोड़ रुपये की राशि पेंशन खातों में ट्रांसफर किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना देश के 42 करोड़ कामगारों को समर्पित है।

उन्होंने देशभर के सभी कामगारों को बधाई देते हुए कहा कि हमारे वैसे साथी जो घरों में सेवक के रूप में काम कर रहे हैं, कबाड़ से आजीविका कमाते हैं, खेत मजदूरी कर रहे हैं, सड़कों-घरों के निर्माण में जुटे हैं, रेहड़ी-ठेले चलाते हैं, बुनकर हैं, ऐसे कामों से जुड़े सभी कामगार साथियों को बहुत बधाई।

उन्होंने कहा कि मुझे एहसास है कि देश के करोड़ों गरीबों के मन में ये सवाल रहता था कि जब तक हाथ-पैर चलते हैं, तब तक तो काम भी मिल पाएगा, लेकिन जब शरीर कमजोर हो जाएगा तब क्या होगा? उम्र के उस पड़ाव में, जब आय का कोई साधन न हो, तो वो समय बहुत पीड़ादायक होता है। यही पीड़ा मेरे मन मस्तिष्क में थी। उसी पीड़ा में से इस योजना ने जन्म लिया है।

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