DU ELECTION :DU में बना तीसरा मोर्चा, AISA-CYSS आए साथ

नई दिल्लीः दिल्ली यूनिवर्सिटी में इस बार स्टूडेंट्स यूनियन के चुनाव में एबीवीपी और एनएसयूआई को न सिर्फ एक-दूसरे से बल्कि दो और यूनियनों से टक्कर लेनी होगी। दो साल बाद डूसू के चुनावी मैदान में लौटी आम आदमी पार्टी की स्टूडेंट्स विंग सीवाईएसएस को लेफ्ट विंग आइसा का साथ मिला है। 12 सितंबर को होनेवाले डूसू चुनाव के लिए बुधवार को आइसा और सीवाईएसएस ने मिलकर ऐलान किया कि वे 2018-19 का डूसू चुनाव मिलकर लड़ेंगे। प्रेजिडेंट और वाइस प्रेजिडेंट की पोस्ट पर आइसा के कैंडिडेट, तो सेक्रटरी और जॉइंट सेक्रटरी की पोस्ट पर सीवाईएसएस के कैंडिडेट खड़े होंगे। जल्द ही दोनों अपना मैनिफेस्टो भी आप लीडर गोपाल राव ने इनके यूनाइटेड पैनल का ऐलान किया।

उन्होंने कहा, डीयू में अभी एबीवीपी और एनएसयूआई की गुंडागर्दी की राजनीति का वर्चस्व है और स्टूडेंट्स से हमें फीडबैक मिला कि वे बदलाव की राजनीति चाहते हैं। अब सीवाईएसएस और आइसा मिलकर एबीवीपी-एनएसयूआई की नेगेटिव राजनीति को हराएंगे।

डीयू का वोटिंग पर्सेंटेज सिर्फ 30 से 40% रहता है। पिछले साल तो 9000 वोट नोटा को गए थे। स्टूडेंट्स तंग आ चुके हैं कि डूसू में एबीवीपी और एनएसयूआई ही आएगी और हिंसा की राजनीति ही दिखेगी। इस वजह से उन्हें हम दोनों मिलकर धनबल की जगह जनबल का ऑप्शन देंगे। आम स्टूडेंट्स ही हमारे कैंडिडेट होंगे। हम दोनों के मुद्दे एक ही हैं और सोच भी, इसलिए हमने साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है। सुमित ने कहा, पिछले साल केंद्र सरकार ने हायर एजुकेशन को लेकर जो फैसले लिए जैसे अटॉनमी का, सिर्फ सीवाईएसएस और आइसा ने इसके खिलाफ लड़ाई लड़ी। लड़कियों की सुरक्षा के लिए भी दोनों ने आवाज उठाई और काम किए बाकियों ने सिर्फ दावे किए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *