वर्ल्ड कप में सुपर ओवर विवाद को लेकर बोले भारत के पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर कहा दूसरा सुपर ओवर कराया जाना चाहिए था।

नई दिल्ली: ICC World Cup 2019 Final, England vs New Zealand: भारत के पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि विश्व कप फाइनल में विजेता टीम का फैसला करने के लिए दूसरा सुपर ओवर कराया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि विजेता का फैसला इस बात पर नहीं किया जाना चाहिए था कि किसने ज्यादा बाउंड्रीज मारीं। बीते रविवार (14 फरवरी) को इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया फाइनल मैच में मैच टाई रहा था और इसके बाद सुपर ओवर किया गया था, लेकिन यहां भी मैच टाई रहा और विजेता का फैसला इस आधार पर निकला कि किस टीम ने ज्यादा बाउंड्रीज लगाई हैं।

तेंदुलकर ने 100एमबी से कहा, “मुझे लगता है कि विजेता का फैसला दोनों टीमों में से किसने ज्यादा बाउंड्रीज लगाई हैं इसके बजाय एक और सुपर ओवर कराकर किया जाना चाहिए था। सिर्फ विश्व कप का फाइनल नहीं, हर मैच अहम होता है, जैसा की फुटबॉल में जब मैच अतिरिक्त समय में जाता है तो कुछ और मायने नहीं रखता।” तेंदुलकर से पहले भारतीय टीम के उप-कप्तान रोहित शर्मा ने भी बाउंड्रीज के आधार पर जीत दिए जाने के नियम की आलोचना की थी।

सचिन ने किया विराट का समर्थन
वहीं, सेमीफाइनल में हार कर बाहर हो जाने के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि विश्व कप में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2019) की तर्ज पर नॉकआउट किए जाना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है, क्योंकि इससे शीर्ष-2 टीमों को हार के बाद एक और मौका मिलता है।

तेंदुलकर ने कोहली की बात में हामी भरी है और कहा है कि जिन टीमों ने लीग दौरा का अंत शीर्ष-2 में रहते हुए किया उन्हें निश्चित तौर पर मौका मिलना चाहिए। सचिन ने कहा, “मुझे लगता है कि शीर्ष दो में रहते हुए लीग दौर का अंत करने वाली टीमों को टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का फायदा मिलना चाहिए।”

डेव वाटमोर बोले- संयुक्त विजेता घोषित होना चाहिए था
श्रीलंका के पूर्व कोच डेव वाटमोर ने मंगलवार को कहा कि रविवार को खेले गए विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड को संयुक्त विजेता घोषित किया जाना चाहिए था। वाटमोर ने यहां पत्रकारों से कहा, ”कोई विजेता नहीं था और इसलिए दोनों को संयुक्त विजेता घोषित किया जाना चाहिए था। यह विश्व कप जीतने के लिए की गई दोनों टीमों की मेहनत का सही प्रतिबिंब होता।”

उन्होंने कहा, ”यह बड़ी सीख है। इस तरह की चीजों से बेहतर तरीके से निबटा जा सकता था। दोबारा मैच हो सकता था। टूर्नामेंट में आने से पहले टीमें इसके बारे में जानती थी और यही निष्कर्ष है।” वाटमोर ने कहा कि जिसने भी नियम बनाया उसे ऐसी उम्मीद नहीं रही होगी कि फाइनल में ऐसी स्थिति आएगी। फाइनल में मैच और सुपर ओवर टाई छूटने के बाद इंग्लैंड को अधिक बाउंड्री लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया था।

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