उत्तर प्रदेश के चिनहट इलाके में एक पिता ने बाप-बेटी के रिश्ते को किया तार-तार,अपनी ही बेटी का करता था रेप और मां देती थी गर्भनिरोधक

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। एक 22 वर्षीय युवती ने आरोप लगाया है कि उसके पिता ने उसकी मां की सहमति के साथ एक दशक से अधिक समय तक उसके साथ दुष्कर्म किया। यहां तक कि उसकी मां ने उसे गर्भनिरोधक भी दिया।

लखनऊ के बाहरी इलाके चिनहट में रहने वाली लड़की ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी किस्मत के साथ समझौता कर लिया था, लेकिन जब उसके पिता ने उसकी छोटी बहन का यौन शोषण करना शुरू कर दिया तो उसने साहस किया और पुलिस से संपर्क किया। 44 वर्षीय आरोपी पिता के खिलाफ अपनी दो बेटियों के साथ दुष्कर्म करने और उनका यौन शोषण के आरोप में ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुएल ऑफेन्सेज (पोक्सो) एक्ट, 2012 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वह फरार है और 42 वर्षीय मां को अपराध को बढ़ावा देने के लिए गिरफ्तार किया गया है। दोनों बेटियों ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान दर्ज कराए।

बड़ी बेटी ने एक एनजीओ से संपर्क किया, जिसने पुलिस की मदद से लड़कियों को उनके घर से छुड़ाया। बड़ी बेटी अपने घर में रह रही है, जबकि नाबालिग छोटी बहन को एक शेल्टर होम में भेज दिया गया है। चिनहट के एसएचओ सचिन सिंह ने कहा कि पिता पर दुष्कर्म का, महिला की सहमति के बिना गर्भपात कराने, डराने-धमकाने के आरोप में और पोस्को एक्ट 8 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

एनजीओ आशा ज्योति केंद्र की प्रभारी अर्चना सिंह ने कहा कि युवती ने उन्हें बताया कि वह महज छह साल की उम्र से पिता के हवस की शिकार बनती आ रही थी। उन्होंने कहा, “उसकी मां को इस बारे में सब पता था और वह उसे गर्भ निरोधक व गर्भपात के लिए गोलियां दिया करती थी। उसने मुझे बताया कि उसने यातना को अपनी नियति मान लिया था, लेकिन जब उसके पिता ने उसकी छोटी बहन से छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी तब वह बदार्श्त नहीं कर सकी ।”

उसने आगे कहा कि हाल ही में, उनके पिता का और वहशी रूप सामने आने लगा था और यहां तक कि उसने उन्हें अश्लील पत्र लिखना शुरू कर दिया। सिंह ने बताया, “शिकायतकर्ता ने कहा कि उनके दो भाइयों (18 वर्ष और 8 वर्ष की आयु के) उनके घर के किरायेदार और उनके कुछ रिश्तेदारों को उसके पिता के कृत्यों के बारे में पता था लेकिन किसी ने इसका विरोध नहीं किया।”

सिंह ने कहा, “आखिरकार, उसने हिम्मत जुटा कर अपनी प्रिंसिपल को सब कुछ बताया, जिन्होंने फिर उसे हमारे एनजीओ से संपर्क करने के लिए कहा।”

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