ईरान ने कहा – ' अमेरिका सम्मान दर्शाए तब ही वार्ता करेंगे '

नई दिल्लीः ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका सम्मान दर्शाता है और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है तो ईरान वार्ता के लिए सहमत हो सकता है। साथ ही स्पष्ट किया कि तेहरान जबरन किसी वार्ता के लिए तैयार नहीं होगा।

ईरान कहता रहा है कि ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका का अलग हो जाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। साथ ही ईरान ने अमेरिका के लगाए आर्थिक प्रतिबंधों की भी निंदा की। ईरान ने अमेरिका के इस कदम को इस्लामिक गणतंत्र को नए समझौते के लिए मजबूर करने की अमेरिकी कोशिश करार दिया है।

अगर दूसरा पक्ष बातचीत की मेज पर सम्मान दर्शाता है और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करता है तो हम (दूसरे पक्ष से) तर्कसंगत बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन अगर बातचीत का आदेश जारी किया जाता तो हमें यह स्वीकार नहीं है।

  • हसन रूहानी, राष्ट्रपति, ईरान

अमेरिका पूर्व शर्तों के बिना ईरान से वार्ता को तैयार : पॉम्पिओ

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने ईरान के बयान पर प्रतिक्रिया दी है कि वह पूर्व शर्तों के बिना ईरान से वार्ता के इच्छुक हैं। हालांकि उन्होंने जोर दिया कि उनका देश ईरान की हानिकारक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए काम काम करता रहेगा। पॉम्पिओ ने स्विटरजलैंड के विदेश मंत्री इग्नाजियो कैसिस के साथ स्विटजरलैंड में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह बयान दिया।

मध्यस्थता कराने ईरान जाएंगे शिंजो आबे

जापानी मीडिया ने कहा है कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे इस माह ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई से मुलाकात करेंगे। अमेरिका और ईरान के बीच जापान मध्यस्थता कराना चाहता है।
ईरान और जापान के अहम सहयोगी अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के बीच आबे ने कथित रूप से मध्यस्थता करने का प्रस्ताव रखा है। मैनची शिम्बुन की खबर के अनुसार, आबे की खामेनेई से प्रस्तावित मुलाकात अपनी तरह की पहली ऐसी वार्ता होगी। माना जा रहा है कि ईरान यात्रा का फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति के हालिया जापान दौरे के दौरान हुआ होगा।

खाड़ी में तैनात अमेरिकी सैन्य बल की पहुंच में ईरानी मिसाइलें

ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि खाड़ी में उसने जो सेना तैनात की है, वह पूरा सैन्य बल ईरान की मिसाइलों की पहुंच में है। एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने यह चेतावनी दी। सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सहयोगी याह्या सफवी ने कहा कि अमेरिकियों को अच्छी तरह से पता है कि उनके सैन्य बल ईरान की मिसाइलों की सीमा के भीतर हैं। राज्य की ओर से संचालित समाचार एजेंसी ने उनके हवाले से लिखा है कि हमारी मिसाइलों की सीमा 300 किलोमीटर से अधिक है, जिससे ईरान के तट पर वह निशाना भेद सकता है।

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