मेट्रो में महिलाओं के मुफ्त सफर पर केजरीवाल सरकार ने DMRC में किए ये बदलाव

नई दिल्लीः दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) बोर्ड दिल्ली से नौकरशाहों को बाहर कर दिया गया है। अब उनकी जगह आम आदमी पार्टी के नेता व सरकार के सलाहकार लेंगे। दिल्ली सरकार ने मेट्रो में महिलाओं के मुफ्त सफर योजना का प्रस्ताव लाने से पहले अपने मनोनीत बोर्ड सदस्यों को बदलने का फैसला लिया है। हालांकि नए सदस्यों की नियुक्त को मेट्रो में महिलाओं के मुफ्त सफर की योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार चाहती है कि बोर्ड में मुफ्त सफर की योजना को ठीक से रखा जाए। इसलिए वह नए व अपने सदस्यों को मनोनीत कर रही है।

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने डीएमआरसी बोर्ड सदस्यों के बदलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि नई चीजें करने के लिए बदलाव जरूरी है। सूत्र बताते हैं कि डीएमआरसी बोर्ड के गठन के बाद ही इसमें दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, वित्त सचिव, परिवहन आयुक्त व कुछ रिटायर्ड अधिकारी भी इसके सदस्य रहे है। यह पहला मौका है जब सरकार नौकरशाहों के अलावा दूसरे लोगों को बोर्ड सदस्य बना रही है।

सरकार की ओर से अब नौकरशाहों की जगह डीएमआरसी बोर्ड में आतिशी, राघव चड्ढा, दिल्ली डायलाग कमीशन के उपाध्यक्ष जैस्मीन शाह और नवीन एनडी गुप्ता को जगह दी गई है। नवीन ‘आप’ के राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता के बेटे हैं।.

नए सदस्य बनाने की जरूरत पर परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि नई चीजें करने के लिए बदलाव जरूरी है। जब उनसे पूछा गया कि मंगलवार को डीएमआरसी बोर्ड की बैठक थी तो क्या नए सदस्यों ने उसमें हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि चूकि यह बेहद शार्ट नोटिस पर था। इसलिए वह इस बैठक में शामिल नहीं हुए है।

बोर्ड में कुल 17 सदस्य

डीएमआरसी बोर्ड में कुल 17 सदस्य होते है। इसमें 7 डीएमआरसी के ही लोग होते है, जिसमें अलग-अलग विभागों के प्रमुख होते है। इसके अलावा केंद्र और दिल्ली सरकार के पांच-पांच सदस्य होते है। उन्हें मनोनीत करने का अधिकार सरकार के पास होता है। डीएमआरसी का प्रबंध निदेशक जो अभी मंगू सिंह हैं, वह दिल्ली सरकार के पांच मनोनीत सदस्यों में से एक होते है। दिल्ली सरकार एमडी के अलावा चार और लोगों को मनोनीत करती है। .

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