लोकसभा चुनाव 2019: चुनाव आयोग की इस बार होगी फेसबुक-व्हाट्सएप पर भी नजर

नई दिल्लीः सोशल मीडिया पर बिना अनुमति प्रचार करना पार्टी समेत प्रत्याशियों व समर्थकों के लिए भारी पड़ सकता है। सोशल मीडिया में ऐसी गतिविधियों पर चुनाव आयोग विशेष नजर बनाएहुए है। इसके लिए एक विशेष टीम तैयार की गई है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणवीर सिंह के अनुसार, सोशल मीडिया व टीवी पर किसी भी तरह के राजनीतिक प्रचार-प्रसार करने से पहले उसे चुनाव आयोग से प्रमाणित करना आवश्यक है। ऐसा नहीं करने पर वह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। वहीं, उन्होंने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत के लिए तैयार किए ई-विजिल की जानकारी देते हुए बताया कि इस एप में अभी तक 377 शिकायत दर्ज कराई गइंर्। इसमें से 256 शिकायत सही पाई गई हैं, जिन पर कार्रवाई की जा रही है।.

20 सदस्यीय न्यूज सेल बनाएगे

वहीं, सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार की सामग्री पर निगरानी के लिए बनाए गए तंत्र की जानकारी देते हुए विशेष निवार्चन अधिकारी सतनाम सिंह ने बताया कि इस पूरे तंत्र को एक विशेषज्ञ टीम संचालित कर रही है, जो टीवी, समाचार पत्रों समेत सभी सोशल मीडिया पर नियमित रूप से निगरानी कर रही है। इसमें से 20 सदस्यीय पेड न्यूज सेल हंै। वहीं, टीवी पर निगरानी के लिए 6 टीवी सेट लगाए गए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि बीते दिनों सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री या चुनाव को प्रभावित करने की बातों को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है।इसलिए सावधानी जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *