नारी सशक्तिकरण को दिशा दे रहा मंगलायतन विश्वविद्यालय

कोई भी योजना या अभियान तभी सार्थक होता है जब वह धरातल पर कार्य करे। कुछ भी कहने के बाद जरूरी कदम भी उठाने होते हैं। मंगलायतन विश्वविद्यालय नारी सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रहा है। शिक्षा के प्रचार व प्रसार हेतु लगभग 12 वर्ष पूर्व मंगलायतन विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है। अब तक हजारो छात्र छात्राएं मंगलायतन विश्वविद्यालय से शिक्षा पाने के उपरांत विभिन्न संस्थाओं और सरकारी सेवा में उच्च पदों पर कार्य कर रहें हैं।
वर्ष 2018 में मंगलायतन विश्वविद्यालय ने ” नारी सशक्तिकरण ” को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को शिक्षित करने और उन्हें स्वावलम्बी बनाने के उदेश्य से रोजगार परक शिक्षा देने का कदम उठाया है।
इसके लिए कई तरह के कोर्सों में छात्राओं के फ़ीस में 25 प्रतिशत से 40 प्रतिशत की रियायत देने का प्रावधान है। जिससे छात्राओं को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। प्रमुख कोर्स जैसे कि बीए (ऑनर्स )अंग्रेजी ,बीकॉम ( ऑनर्स ),बी.टेक (इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन ),एम.बी. ए., बी. ए (ऑनर्स ) इतिहास , बी. ए (ऑनर्स ) अर्थशास्त्र ,बी. ए (ऑनर्स )राजनीति शास्त्र, एम. ए अंग्रेजी , एम.ए इतिहास ,एम. ए अर्थशास्त्र ,एम.ए राजनीति शास्त्र ,बी. एससी (ऑनर्स ) भौतिक विज्ञान ,बी. एससी (ऑनर्स ) रसायन विज्ञान,बी. एससी ( बायोटेक्नोलॉजी), बी. एससी (ऑनर्स )गणित ,बी. एससी(बी. एड ),बी. ए(बी. एड ) ,बी. ए.एल. एल. बी. , बी. ए (मास कम्युनिकेशन ), एम. ए (मास कम्युनिकेशन ),बी. बी. ए ,इंटीग्रेटेड बी. टेक, एम टेक ,बी. टेक (कंप्यूटर साइंस ),बी. टेक (मेकेनिकल), बी. टेक (सिविल )तथा अन्य कोर्स में भी फ़ीस में छूट दी गई है।
आपको बता दें मंगलायतन विश्वविद्यालय में चल रहे 40 से भी अधिक कोर्सों/प्रोग्रामों में भी छात्राओं के लिए विशेष /अतिरिक्त सुविधाएँ देने का प्रावधान किया गया है।

विश्वविद्यालय में फ़ीस में रियायत केवल छात्राओं के लिए है। छात्राओं द्वारा फीस का त्रैमासिक भुगतान किया जाएगा।

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