जम्मू-कश्मीर में हिन्दू श्रद्धालुओं पर हुए हमले में मुस्लिम ड्राइवर सलीम ने बचाया 50 से अधिक लोगों की जान

नई दिल्ली | जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों की बस पर हुए आतंकी हमले में 7 यात्रियों की मौत हो गई है और 19 से ज्यादा घायल हुए हैं | अगर बस का ड्राइवर सलीम हिम्मत नहीं दिखाता तो हालत कुछ और ही होता । ड्राइवर सलीम ने बताया कि उन्होंने बस की तरफ गोलियां चलने की आवज सुनी,जिसके बाद उन्होंने बस को सुरक्षित जगह ले जाने का फैसला किया और इस बात का खास ध्यान दिया कि कम से कम गोलियां बस तक पहुंच पाए।

सलीम ने कहा, “भगवान ने मुझे आगे बढ़ने की शक्ति दी, जिस कारण मैं सुरक्षित स्थान तक पहुंच पाया।”गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने ड्राइवर सलीम की सराहना की। मुख्यमंत्री ने सलीम को बहादुरी पुरस्कार के लिए नामित करने की भी बात भी कही।गुजरात के वलसाड में रहने वाले ड्राइवर सलीम के भाई जावेद ने कहा, ‘वह 7 लोगों की जान नहीं बचा पाया, लेकिन उन्होंने 50 लोगों को एक सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया हमें उन पर गर्व है।’

हमले के बाद बस में सवार यात्रियों के बयान के अनुसार उनकी बस अनंतनाग से 2 किमी दूर पंचर हो गई थी, जिसे बनाने में देर हो गई। जैसे ही बस निकली आतंकियों ने हमला कर दिया।बस के एक यात्री के अनुसार वो लोग 5-6 की संख्या में थे और ताबड़तोड़ गोलियां बरसा रहे थे। हमने ड्राइवर से कहा की बस भगाता रह। वहीं एक अन्य यात्री योगेश के अनुसार बस निकलते ही अचानक गोलियां बरसनी शुरू हो गई और हमारे ड्राइवर सलीम ने हिम्मत दिखाते हुए बस नहीं रोकी।

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