नई दिल्लीः ' सातों सीटें जिताएं, सीलिंग रुकवा दूंगा ' – अरविंद केजरीवाल

नई दिल्लीः मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि बीते पांच साल में केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों से अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई है। इससे व्यापारियों में नाराजगी है। केजरीवाल ने व्यापारियों से अपील की कि इस बार वह सातों सीटें आप को जितवा दें तो वे दिल्ली में सीलिंग नहीं होने देंगे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी की तो पूरे देश के व्यापारियों में अफरा-तफरी मच गई। नोटबंदी का असर खत्म भी नहीं हुआ था कि उन्होंने बिना तैयारी के जीएसटी लागू कर दिया। इतना ही नहीं, दिल्ली में व्यापारियों पर सीलिंग की मार भी पड़ी। इससे बड़ी संख्या में रोजगार खत्म हो गए। दुकानें, फैक्टरियां सब बंद हो गईं। इसके बाद कभी भाजपा का मजबूत वोट बैंक रहा व्यापारी वर्ग उसे छोड़ना चाहता है। केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली सरकार ने सीलिंग रुकवाने की हर संभव कोशिश है। मायापुरी मामले में भी अदालत से स्टे लाकर सीलिंग रुकवा दी है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ व्यापारी बातचीत में अपनी बर्बादी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार मानते हुए भी वोट नरेंद्र मोदी को देने की बात करते हैं। इसकी वजह वे राष्ट्रवाद को बताते हैं। केजरीवाल ने कहा कि ऐसे व्यापारियों को समझना चाहिए कि मोदी का राष्ट्रवाद फर्जी है। उन्होंने एक मायाजाल बना रखा है। व्यापारियों को इस मायाजाल से निकलकर सोचना चाहिए। सच्चाई खुद ही निकल आएगी।

प्रधानमंत्री कहते हैं कि उन्होंने पाकिस्तान को सबक सिखाया है और वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री देखना चाहते हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर इमरान फिर से मोदी को प्रधानमंत्री क्यों बनाना चाह रहे हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी के पाकिस्तान से सीक्रेट रिश्ते हैं। उनके गहरे, अंदरूनी रिश्ते हैं।

इस पर सवाल उठाने पर वह देश में एक चुने हुए मुख्यमंत्री पर हमला करा देते हैं। ऐसे प्रधानमंत्री राष्ट्रवादी कैसे हो सकते हैं? प्रधानमंत्री खुलेआम कह रहे हैं कि वह फलां-फलां राज्य के एमएलए खरीदकर विपक्ष की सरकार गिरा देंगे। जनतंत्र में खुलेआम एमएलए खरीदकर सरकार गिराने वाला प्रधानमंत्री राष्ट्रवादी कैसे हो सकता है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *