पटना : पटना हाईकोर्ट में अब हिंदी में भी दायर हो सकेंगी याचिकाएं

नई दिल्लीः पटना हाईकोर्ट ने मंगलवार को हिंदी के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट में अब हिंदी में भी याचिका दायर हो सकेगी। कोर्ट की पूर्णपीठ ने अपने 155 पन्नों का फैसला सुनाते हुए कहा कि हिंदी में दायर की गईं सभी याचिकाएं स्वीकार की जाएंगी। हालांकि हिंदी में याचिका तभी ली जाएगी, जब उसका अंग्रेजी अनुवाद साथ में रहेगा। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एपी शाही,न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार तथा न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद की पूर्णपीठ ने यह फैसला सुनाया है। नवादा जिले के कृष्णा यादव की ओर से एक मई 2015 को दायर इस याचिका पर सुनवाई करते हुए पूर्णपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे मंगलवार को सुनाया गया। बिजली चोरी के इस मामले में जेल जाने के आदेश को हिंदी में अर्जी दायर कर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

याचिकाकर्ता के वकील इंद्रदेव प्रसाद ने दलील दी कि एक ओर संविधान में हिंदी के प्रचार-प्रसार और विकास की बात कही जा रही है तो दूसरी ओर हाईकोर्ट के कामकाज को अंग्रेजी में करने को लेकर नौ मई 1972 को अधिसूचना जारी की गई। मामले पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि बिहार-यूपी हिंदी भाषा-भाषी क्षेत्र हैं। यदि यहां भी हिंदी के साथ भेदभाव किया गया तो हिंदी के प्रति नाइंसाफी होगी।

उच्चतम न्यायालय में भी हिंदी में दायर हुई है अर्जी

सुप्रीम कोर्ट में भी हिंदी में अर्जी दायर की गई है। पहले तो सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी में लिखी अर्जी को लेने से मना कर दिया था लेकिन जब संविधान का हवाला दिया गया, तब जाकर अर्जी स्वीकार की गई।

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