झारखंड के गुमला जिले के लोगों ने कहा – ' न वोट देगें न किसी नेता-अधिकारी को गांव में घुसने देंगे '

नई दिल्लीः गुमला जिले के पालकोट प्रखंड स्थित उत्तरी पालकोट पंचायत के अलंकेरा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने अपने गांव से बाहर बैनर के साथ बैरियर लगाकर रविवार को जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों के गांव में प्रवेश पर रोक लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की वादाखिलाफी से अजीज आकर उन्होंने यह कदम उठाया है। चुनाव नजदीक है, सरकार अभी होश में आ जाए। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने हम लोगों के साथ छलावा किया है। यह गांव पीएमओ में सचिव राजीव टोपनो का पैतृक गांव भी है।

एमजे अकबर ने गांव को लिया था गोद
राज्यसभा सांसद एमजे अकबर ने अलंकेरा गांव उत्तरी पंचायत को गोद लेते हुए आदर्श ग्राम बनाने की भी घोषणा की थी। ग्रामीणों का कहना है कि एमजे अकबर ने मतिम टोली गांव में जनसभा कर गोबर सिल्ली से उत्तरी पंचायत पालकोट तक मुख्य सड़क को तत्काल बनाने का ऐलान किया था। इसके अलावा मतिम टोली को आदर्श ग्राम घोषित करने की भी बात कही गई थी। इसके बावजूद भी आज तक गांव तक आने वाली मुख्य सड़क जर्जर है। उस पर बड़े-बड़े नुकीले बोल्डर निकल गए हैं, जिससे गाड़ी और साइकिल तो दूर पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सांसद एमजे अकबर पर भरोसा किया था, वह भरोसा टूट चुका है। जब तक सड़क नहीं बनेगी तब तक किसी को वोट नहीं दिया जाएगा। किसी नेता को गांव में घुसने भी नहीं दिया जाएगा। चुनाव में मतदान भी नहीं करेंगे।

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