उत्तर प्रदेश के लोगों को बिजली दे सकती है जोर का झटका, 14-20 फीसदी तक बढ़ सकते है दाम

नई दिल्ली: प्रदेश के लोगों को बिजली जोर का झटका देने वाली है। बिजली के दाम में 14 से 20 फीसदी वृद्धि की तैयारी है। बढ़ी दरों पर फैसला 10 अगस्त को हो सकता है। बुधवार को जनसुनवाई के दौरान विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन राज प्रताप सिंह ने बताया कि बिजली की दरों में वृद्धि प्रस्तावित है।

यूपीपीसीएल ने बिजली खरीद के दामों में बढ़ोतरी का हवाला देकर दाम बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इसलिए गुरुवार को लखनऊ, 25 को आगरा, 26 को नोएडा और 31 को वाराणसी में जनसुनवाई रखी गई है। लोकसभा चुनाव की वजह से ही 31 मार्च तक पेश होने वाला बढ़ा टैरिफ देर से पेश किया गया है। बेहतर सर्विस देने के लिए बिजली कंपनियों के नुकसान को देखते हुए जल्द ही बढ़ोतरी पर फैसला लिया जाएगा।

खत्म होगा सरचार्ज, वापस होगा वसूला पैसा
चेयरमैन ने कहा कि घाटे को देखकर यूपीपीसीएल घरेलू उपभोक्ताओं से हर महीने 3.91 फीसदी और कामर्शियल से 4.13 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज ले रहा है। यूपीपीसीएल को उदय योजना का लाभ भी मिल रहा है। ऐसे में यूपीपीसीएल सरचार्ज और उदय योजना दोनों का लाभ नहीं ले सकता है। इसलिए जल्द ही रेग्युलेटरी सरचार्ज को खत्म करने की तैयारी है। जनता से लिया जा रहा सरचार्ज वापस भी किया जा सकता है।

उपभोक्ता संतुष्टि इन्डेक्स बनेगा
चेयरमैन ने कहा कि बिजली के दाम बढ़ाने के साथ ही उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली देने की व्यवस्था हो रही है। इसलिए जल्द ही उपभोक्ता संतुष्टि इन्डेक्स तैयार कराया जाएगा। इसकी नियमावली बनेगी। इसमें बेहतर परफार्मेंस न करने और बिजली व्यवस्था न देने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होगी। नियमावली बनने में करीब चार महीने का समय लगेगा।

लोडिंग चार्ज खत्म, सिक्योरटी डेढ़ महीने की ही
चेयरमैन ने बताया कि नए कनेक्शन लेने के लिए लगने वाला सिस्टम लोडिंग चार्ज खत्म कर दिया गया है। जमा होने वाली दो महीने की सिक्योरिटी के बदले अब सिर्फ डेढ़ महीने की ही सिक्योरिटी उपभोक्ता से ली जाएगी।

घरेलू उपभोक्ताओं का प्रस्तावित टैरिफ-

चार्ज पहले (प्रति किलोवाट) प्रस्तावित (प्रति किलोवाट)
एक किलोवाट 100 रुपए 110 रुपए
0-150 यूनिट तक 4.90 रुपए 6.20 रुपए
151-300 तक 5.40 रुपए 6.50 रुपए
301-500 तक 6.20 रुपए 7.00 रुपए
501 से अधिक 6.50 रुपए 7.50 रुपए

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