प्रधानमंत्री मोदी ने कहा – राष्ट्रवाद, सैनिकों का बलिदान भी किसानों की मौत जितना अहम चुनावी मुद्दा

नई दिल्लीः चुनावी जीत के लिए अपने भाषणों में सेना के नाम का उपयोग करने के आरोपों को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रवाद और सैनिकों का बलिदान भी उतने ही महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दे हैं जितना किसानों की मौत। दूरदर्शन को दिए एक साक्षात्कार में मोदी ने कहा कि देश पिछले 40 साल से आतंकवाद से जूझ रहा है।

कांग्रेस की न्यूनतम आय योजना ”न्याय” पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा कि इस घोषणा के साथ ही कांग्रेस ने यह मान लिया है कि पिछले 60 साल में उसने देश के लोगों के साथ ‘महान अन्याय किया है। उन्होंने कहा, ”यदि हम लोगों को नहीं बताएंगे कि इस पर (आतंकवाद पर) हमारे विचार क्या हैं तो फिर इसमें क्या तर्क रह जाएगा। क्या कोई देश बिना राष्ट्रवाद की भावना के आगे बढ़ सकता है?”

मोदी ने कहा, ”एक ऐसे देश में जहां हजारों की संख्या में इसके सैनिकों ने बलिदान दिया हो, क्या यह चुनावी मुद्दा नहीं होना चाहिए? जब किसान की मौत होती है तो वह चुनावी मुद्दा बन जाता है लेकिन जब एक सैनिक शहीद होता है तो वह चुनावी मुद्दा नहीं बन सकता? यह कैसे हो सकता है?”

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