चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ट्वीट, 'आज हर भारतीय को गर्व'

नई दिल्ली: भारत के चंद्रमा पर दूसरे मिशन चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2 Launching Today) का प्रक्षेपण सोमवार को किया गया। चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण 22 जुलाई को दोपहर बाद दो बजकर 43 मिनट पर किया गया। इससे पहले 15 जुलाई को तड़के दो बजकर 51 मिनट पर इसे लांच किया जाना था लेकिन प्रक्षेपण यान में गड़बड़ी के कारण प्रक्षेपण से एक घंटे पहले उसे टालने का फैसला किया गया था। उस समय मिशन की करीब 19 घंटे की उलटी गिनती पूरी हो गयी थी। चंद्रयान के प्रक्षेपण के लिए जीएसएलवी-एमके3 प्रक्षेपण यान का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह दुनिया का पहला मिशन है जिसमें लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। इस मिशन के मुख्य उद्देश्यों में चंद्रमा पर पानी की मात्रा का अनुमान लगाना, उसके जमीन, उसमें मौजूद खनिजों एवं रसायनों तथा उनके वितरण का अध्ययन करना और चंद्रमा के बाहरी वातावरण की ताप-भौतिकी गुणों का विश्लेषण है। उल्लेखनीय है चंद्रमा पर भारत के पहले चंद्र मिशन चंद्रयान-1 ने वहां पानी की मौजूदगी की पुष्टि की थी। इस मिशन में चंद्रयान-2 के साथ कुल 13 स्वदेशी पे-लोड यान वैज्ञानिक उपकरण भेजे जा रहे हैं।

चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग पर प्रधानमंत्री मोदी का ट्वीट, ‘आज हर भारतीय को गर्व’
चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि आज हर भारतीय को गर्व है। उन्होंने लिखा कि चंद्रयान 2 अद्वितीय है क्योंकि यह चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर अध्ययनों का पता लगाएगा। यह मिशन चंद्रमा के बारे में नया ज्ञान देगा।

चंद्रयान-2 श्रीहरिकोटा से हुआ लॉन्च
चंद्रयान-2 बाहुबली कहे जाने वाले रॉकेट जीएसएलवी-मार्क ।।। के जरिए प्रक्षेपित किया गया, भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में लंबी छलांग।

चंद्रयान-2 श्रीहरिकोटा से हुआ लॉन्च
चंद्रयान-2 बाहुबली कहे जाने वाले रॉकेट जीएसएलवी-मार्क ।।। के जरिए प्रक्षेपित किया गया, भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में लंबी छलांग।

लिक्विड ऑक्सीजन की फिलिंग शुरू हुई
चंद्रयान 2 की लॉन्चिंग में अब महज पांच घंटे से भी कम का समय बाकी है। इसरो ने ट्वीट कर जानकारी दी कि चंद्रयान 2 में लिक्विड ऑक्सीजन की फिलिंग शुरू हो गई है।

सभी तैयारियां पूरी: के सिवन
इस मिशन के प्रक्षेपण की पूर्व संध्या पर इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने बताया कि सभी तैयारियां हो गई हैं और गड़बड़ी को ठीक कर लिया गया है। उन्होंने यहां आते समय चेन्नई हवाईअड्डे पर पत्रकारों से कहा, ”15 जुलाई को सामने आई तकनीकी खामी को दूर कर लिया गया है। प्रक्षेपण यान अच्छी स्थिति में है…(प्रक्षेपण से पहले) का अभ्यास सफलतापूर्वक ढंग से पूरा किया गया है। इसरो प्रमुख ने कहा कि वैज्ञानिक चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में चन्द्रयान-2 के लैंडर को उतारेंगे जहां अब तक कोई देश नहीं गया है।

चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण की उलटी गिनती शुरू
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की चंद्रमा पर भारत के दूसरे मिशन चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण के 2० घंटों की उलटी गिनती रविवार शाम शुरू हो गयी। इसरो ने ट्वीट कर बताया कि उलटी गिनती शाम 18.43 बजे शुरू हो गयी। सफल प्रक्षेपण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं तथा सभी उपकरणों की जांच का काम भी पूरा हो चुका है। चंद्रयान का प्रक्षेपण 22 जुलाई को अपराह्न 1443 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया जायेगा। इस मिशन के लिए देश के सबसे वजनी जीएसएलवी-एमके3 एम1 रॉकेट का इस्तेमाल किया जायेगा जो 385० किलोग्राम वजनी चंद्रयान-2 को ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) के साथ ले जायेगा।

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