इलेक्टोरल बांड के मसले पर वित्त मंत्रालय और आरबीआई आमने -सामने

नई दिल्ली | भारत सरकार ने बजट में राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड लाने का एलान किया गया था।सरकार द्वारा यह भी कहा गया था कि इसमें बॉन्ड लेने वाला का नाम गुप्त रखा जाएगा। आरबीआई इलेक्टोरल बॉन्ड के खिलाफ है।

जानकारी के मुताबिक आरबीआई ने वित्त मंत्रालय को लिखी चिट्ठी में कहा है कि इलेक्टोरल बॉन्ड से कोई मकसद पूरा नहीं होगा। उल्टा इसके कई साईड इफेक्ट्स हैं।आरबीआई का कहना है कि अगर ऐसे बॉन्ड ज्यादा जारी किए जाएंगे तो सामान्य करेंसी से भरोसा उठ जाएगा। आरबीआई ने इलेक्टोरल बॉन्ड को अपने अधिकार क्षेत्र में दखल भी माना है।

उधर वित्त मंत्रालय आरबीआई से असहमत है। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय का कहना है कि तय खाते और समय में बॉन्ड भुनाने का नियम है। जिससे करेंसी पर कम भरोसे की आशंका निराधार है। आरबीआई बॉन्ड को ठीक से समझ नहीं पाया। सूत्रों के मुताबिक अगले 2 हफ्ते में इस मुद्दे पर कोई फैसला संभव हैं।

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