असम के एनआरसी (NRC ) पर सुप्रीम कोर्ट करेगा पुनर्विचार

नई दिल्लीः असम के एनआरसी से बाहर रह गए लोगों में से 10 प्रतिशत नाम पर पुनर्विचार
पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि वह असम में जारी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) के मसौदे में छूटगए कुल लोगों में दस फीसदी के नाम पर फिर से विचार कर सकता है।

कोर्ट ने इस मुद्दे को ‘बड़ी मानव समस्या’बताया साथ ही राज्य के एनआरसी कन्वीनर से लोगों को नए दस्तावेज जमा करने की इजाजत देने के बारे में सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंपने से कहा।

जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस आरएफ नरिमन की बेंच ने कहा कि जारी मसौदे में शामिल लोगों का दोबारा सत्यापन ‘नमूना सर्वेक्षण’ जैसा होगा. यह काम नजदीकी जिलों के एनआरसी सेवा केंद्रों के अधिकारी कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने एनआरसी मसौदे पर लोगों की शिकायतें दाखिल करने की 30 अगस्त की तारीख पर भी रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस बारे में केंद्र के कामकाज में कुछ विसंगति की ओर इशारा किया है।

न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने एनआरसी से बाहर हुए लोगों के बारे में पेश रिपोर्ट पढ़ने के बाद कहा, ‘वह खुद को संतुष्ट करना चाहती है कि इस पूरी प्रक्रिया में कोई गलती नहीं हुई है।’

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