ताइवान ने किया अमेरिका से टैंक और मिसाइलें खरीदने का ऐलान

नई दिल्लीः ताइवान ने गुरूवार को पुष्टि की कि वह एक प्रस्तावित करार के जरिए अमेरिका से अत्याधुनिक टैंक और एक जगह से दूसरी जगह ले जाने योग्य मिसाइलें खरीदना चाह रहा है। ताइवान के इस बयान से नाराज चीन ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि उसने 108 एम1ए2 अब्राम्स युद्धक टैंक, 1500 से अधिक जैवलिन और टीओडब्ल्यू टैंक रोधी मिसाइलें और कंधे पर रखकर दागी जाने वाली 250 स्टिंगर विमान भेदी मिसाइलें खरीदने के लिए औपचारिक तौर पर कहा है।

मंत्रालय ने कहा कि इस अनुरोध पर ”सामान्य तरीके” से काम हो रहा है। ब्लूमबर्ग न्यूज ने खबर दी है कि अमेरिकी सरकार ने देश की संसद (कांग्रेस) को दो अरब डॉलर के करार में उपकरणों की बिक्री की अपनी योजना के बारे में अनौपचारिक जानकारी दी है। चीन ने कहा कि इस बिक्री पर उसकी ”गंभीर चिंताएं” हैं।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने गुरुवार को एक नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”हमने अमेरिका को बार-बार जोर देकर कहा है कि वह ताइवान को हथियार बेचने के अपने फैसले की अत्यंत संवेदनशील और नुकसानदेह प्रवृति को पूरी तरह समझे और ‘एक चीन’ सिद्धांत का पालन करे।”

साल 1949 में गृह युद्ध की समाप्ति के बाद से ताइवान का शासन अलग संचालित होता रहा है, लेकिन चीन अभी भी इसे अपना क्षेत्र मानता है और इस द्वीपसमूह को अपने नियंत्रण में लेने का इरादा जाहिर करता रहा है, भले ही उसे इसके लिए बल प्रयोग करना पड़े। खबरों में यह भी कहा गया है कि ताइवान ने 66 अतिरिक्त एफ-16 लड़ाकू विमान खरीदने का भी आग्रह भेजा है।

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