बलिया में शनिवार की दोपहर हुई ट्रक-बाइक की आमने-सामने टक्कर , तीन युवकों की मौके पर ही मौत

नई दिल्ली: ट्रक-बाइक के बीच शनिवार की दोपहर हुई आमने-सामने की टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गयी। घटना को अंजाम देने के बाद चालक व खलासी गाड़ी छोड़कर फरार हो जाने में कामयाब हो गये। हादसे के बाद ब्रेकर निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया। पुलिस के काफी प्रयास के बाद करीब एक घंटे बाद जाम समाप्त हो सका।

कस्बे में पांच अगस्त को महावीर झंडा जुलूस निकलने वाली है। इसकी तैयारियों में जुटे खदादीन अखाड़े के सदस्य वार्ड संख्या आठ निवासी 22 वर्षीय राजाराम राजभर, 20 वर्षीय अमावस उर्फ सूरदास व 18 वर्षीय वीरबहादुर साहनी बैरिया सामान खरीदने गये हुए थे। दोपहर करीब एक बजे तीनों सामानों की खरीदारी कर एक ही बाइक से वापस लौट रहे थे। इसी बीच रेवती-बैरिया मार्ग पर छेरडीह गांव के पास सामने से जा रही ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। इस घटना में तीनों की मौके पर ही मौत हो गयी। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर फरार हो गया। इस मामले की जानकारी होने के बाद पुलिस ने घेराबंदी की तो चालक व खलासी बैरिया थाना क्षेत्र के जगन के डेरा के पास ट्रक छोड़कर फरार हो गये। दुर्घटना की खबर मिलने के बाद पहुंचे एसओ रेवती शिवमिलन ने तीनों शव को कब्जा में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। हादसे के बाद पहुंचे छेरडीह व चौबेछपरा गांव के लोगों ने सड़क पर ब्रेकर निर्माण की मांग को लेकर रेवती-बैरिया मार्ग को जाम कर दिया। इसकी खबर मिलने के बाद कई थानों की फोर्स पहुंच गयी। पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक लोगों को समझाया जिसके बाद लगभग एक घंटे तक चला जाम समाप्त हो सका।

तीन युवकों की मौत से मचा कोहराम
सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की शनिवार की दोपहर एक साथ मौत होने की जानकारी जैसे ही मिली कस्बा व परिवार में कोहराम मच गया। परिजन दहाड़े मारकर रोने लगे तथा उनके घर पर लोगों की भीड़ जुट गयी।

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बाइक-ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में दो सड़क पर तथा तीसरा कुछ दुर खाई में उछलकर गिर पड़ा। उनकी बाइक भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गयी। हादसे के बाद आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे जरुर, लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। बताया जाता है कि मृतक राजाराम चार भाईयों में तीसरे नम्बर का था। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद पिता रामनरायन व मां कबुतरी देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। वीरबहादुर चार भाईयों में सबसे छोटा था। सड़क दुर्घटना में मौत होने की खबर जैसे ही परिजनों को मिली माता पानपति व पिता मुक्तेश्वर बेटे के गम में बिलखने लगे। अमावस उर्फ सूरदास चार भाईयों में चौथे नम्बर पर था। उसके पिता बलिराम का काफी दिनों पहले निधन हो चुका है। मां शिवदासों के साथ ही परिवार के अन्य लोग दहाड़े मारकर रो रहे थे। तीनों के एक ही मुहल्ले के थे तथा उनका घर अगल-बगल था लिहाजा भीड़ सभी के दरवाजे पर जुटी थी। लोग मां-बाप व अन्य परिजनों को सांत्वना दे रहे थे।

पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग
रेवती (बलिया)। स्थानीय थाना क्षेत्र के छेरडीह के पास शनिवार की दोपहर सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत के बाद लोगों का गुस्सा पुलिस पर फूट पड़ा। आनन-फानन में शव को मुख्यालय भेजे से नाराज परिजन व मुहल्ले के लोगों ने शाम को सड़क जाम कर दिया। सैकड़ों की संख्या में जूनियर हाईस्कूल के पास लोगों ने रेवती-बलिया मार्ग को जाम कर दिया। उनका कहना था कि हादसे के बाद पुलिस को परिजनों के पहुंचने का कम से कम इंतजार करना चाहिये थे। एसओ के काफी प्रयास के बाद लगभग दो घंटे तक चला जाम समाप्त हो सका। सड़क अवरुद्ध होने से इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया तथा जाम स्थल के दोनों तरफ वाहनों की लम्बी कतार लग गयी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *