संयुक्त राष्ट्र को अमेरिका ने बताया, वह पेरिस जलवायु समझौते में नहीं लेगा हिस्सा

अमेरिका ने वर्ष 2015 में हुए ऐतिहासिक पेरिस जलवायु समझौते से जल्दी से जल्दी हटने के अपने फैसले की औपचारिक जानकारी संयुक्त राष्ट्र को दे दी है। यह खबर विदेश मंत्रालय ने दी है। अमेरिका की ओर से संयुक्त राष्ट्र को दी गई यह जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हाल ही में की गई उस फैसले की घोषणा के अनुरूप है, जो उनके चुनावी वादों में से एक था।

पेरिस जलवायु समझौता
पेरिस जलवायु समझौता

लेकिन इस समझौते की शर्तों के अनुसार, अमेरिका चार नवंबर 2020 तक इस समझौते से पूरी तरह अलग नहीं हो सकता। वह दिन अमेरिका में अगले राष्ट्रपति चुनाव का अगला दिन होगा। इसका अर्थ यह है कि अगले अमेरिकी राष्ट्रपति इस समझौते में दोबारा शामिल हो सकते हैं। पेरिस समझौते का उद्देश्य धरती को औद्योगिक काल की शुरूआत के तापमान से दो डिग्री अधिक गर्म होने से बचाना है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र को एक पत्र सौंप दिया है। यह पत्र पेरिस समझौते से जल्द से जल्द अलग होने के अमेरिका के इरादे के बारे में है।

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