WhatsApp के को-फाउंडर ने अपने एक ट्ववीट के जरिये दी फेसबुक अकाउंट डिलीट करने की सलाह

फेसबुक के स्वामित्व वाली इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप कंपनी व्हाट्सऐप के को-फाउंडर ब्रायन ऐक्टन ने एक ट्वीट किया है जो ट्रेंड कर रहा है।उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है कि अब फेसबुक डिलीट करने का समय आ गया है।जाहिर है व्हाट्सऐप को काफी पहले ही फेसबुक ने अधिग्रहण कर लिया था और अब व्हाट्सऐप फेसबुक का ही हिस्सा है।ऐसे में अगर व्हाट्सऐप के सह संस्थापक फेसबुक डिलीट करने की बात कहेंगे तो लोग फेसबुक पर सवाल उठाएंगे।

सवाल ये है कि आखिर व्हाट्सऐप को फाउंडर ने ऐसा क्यों कहा? ट्वीट में सिर्फ उन्होंने एक लाइन ही लिखा है जिसमें फेसबुक डिलीट करने की बात है। इसके अलावा उन्होंने इसके बारे में कुछ भी नहीं लिखा है ना ही यह वजह बताई गई है कि फेसबुक क्यों डिलीट किया जाए।
इस सवाल का जवाब फेसबुक डेटा लीक है।इसी वजह से फेसबुक के को-फाउंडर मार्क जकरबर्ग को सिर्फ एक दिन में 6.06 बिलियन डॉलर गंवाने भी पड़े हैं। यह डेटा लीक कैंब्रिज ऐनालिटिका फर्म से जुड़ा है जिसने कथित तौर पर फेसबुक के करोड़ो यूजर्स के डेटा के साथ छेड़ छाड़ करके अमेरिकी प्रेसिडेंट इलेक्शन 2016 को प्रभावित किया है।इस मामले की जांच के लिए फेसबुक ने एक डिजिटल फॉरेंसिक ऐजेंसी को हायर किया है।

डेटा लीक की रिपोर्ट के बाद से फेसबुक के शेयर 10 फीसदी लुढ़क गए और इससे जकरबर्ग सहित फेसबुक के शेयरहोल्डर्स का भी काफी नुकसान हुआ है।

गौरतलब है कि 2014 में सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक ने व्हाट्सऐप को 19 मिलियन डॉलर में खरीद लिया था। व्हाट्सऐप को बनाने वाले दो शख्स- ब्रायन ऐक्टन और जेन कुम हैं।इनमे से एक जेन कुम अधिग्रहण के बाद भी व्हाट्सऐप के साथ रहे यानी अब वो फेसबुक के लिए काम करते हैं, जबकि ब्रायन ऐक्टन ने इसी साल शुरुआत में अपने एक फाउंडेशन की शुरुआत की है और इसके लिए उन्होंने फेसबुक छोड़ दिया है।

इसके पीछे की वजह ये भी हो सकती है कि ब्रायन ने पिछले महीने ही व्हाट्सऐप के प्रतिद्वंदी इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप सिग्नल में 50 मिलियन डॉलर का निवेश किया है।

एक तथ्य ये है कि 2009 में जब ब्रायन ऐक्टन ने फेसबुक में जॉब के लिए आवेदन किया था तो उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था।उसके बाद उन्होंने एक ट्वीट किया था। इसमें लिखा है, ‘फेसबुक ने मुझे रिजेक्ट कर दिया है।यह बेहतरीन लोगों के साथ जुड़ने का अच्छा मौका था. जिंदगी के अलगे ऐडवेंचर के लिए तैयार हूं’
खबर आई है कि पॉलीटिकल डेटा ऐनालिटिक्स फर्म कैंब्रिज ऐनालिटिका ने 2016 अमेरिकी प्रेसिडेंट इलेक्शन के वक्त 50 मिलियन यूजर्स का डेटा हैक करके उससे छेड़छाड़ की थी। अब डेटा ब्रीच का असर फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग के नेट वर्थ पर भी दिख रहा है।

सोमवार को सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक का शेयर 7 फीसदी तक लुढ़क गया। इसकी वजह वो रिपोर्ट है जिसमें कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप की कैंपेन कंस्लटेंट फर्म कैंब्रिज ऐनालिटिका ने अमेरिकी प्रेसिडेंट इलेक्शन को प्रभावित करने के लिए फेसबुक के 50 मिलियन यूजर्स के डेटा के साथ छेड़छाड़ की है।

द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को अमेरिकी सेनेटर रॉन विडेन ने मार्क जकरबर्ग को एक लिस्ट दी है जिसमें फेसबुक डेटा ब्रीच से जुड़े कई सवाल हैं जिनके जवाब 13 अप्रैल तक मांगे गए हैं।

फेसबुक ने इस मामले की जांच के लिए डिजिटल फॉरेंसिक फर्म स्ट्रोज फ्रीडबर्ग को रखा है जो कैंब्रिज ऐनालिटिका का ऑडिट करेगी। इसके लिए कैंब्रिज ऐनालिटिका ने हामी भरी की है वो इस जांच में पूरी तरह सहयोग करेगी और वो डेटा की जांच के लिए अपने सर्वर का ऐक्सेस देगी।

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