क्या चुनावी भाषण होगा प्रधानमत्री का इस बार लाल किले से

नई दिल्लीः भारत की आजादी को 71 साल पूरे हो जाएंगे. बुधवार को देश 72वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। परंपरा के अनुसार, इस दिन लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी अपने इस कार्यकाल में आखिरी बार राष्ट्र को संबोधित करेंगे। अपने पिछले भाषणों में पीएम मोदी ने एनडीए सरकार की पॉलिसी और विदेश नीति पर ही फोकस रखा। चूंकि इस कार्यकाल में प्रधानमंत्री उनका आखिरी भाषण होगा. लिहाजा ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र पीएम मोदी इस बार अपने भाषण से सियासी बिसात बिछाएंगे। इस बार उनका भाषण राजनीति पर ज्यादा फोकस रहेगा और पॉलिसी पर कम बात होगी।

प्रधानमंत्री मोदी की खुद के द्वारा शुरू की गई परंपरा के मुताबिक एक बार फिर पूरे देश से वह अहम मुद्दे मांगे गए हैं जिन्हें प्रधानमंत्री की लाल किले की स्पीच में शामिल किया जाना चाहिए। जिसके बाद से लगातार सोशल मीडिया अथवा अन्य मीडिया साधनों से लाखों की संख्या में लोगों की राय उन तक पहुंच रही है। पीएम मोदी अपनी वेससाइट के जरिए भी देश के नागरिकों से अपील कर चुके हैं कि वह देश हित में अपने विचार साझा करें और नए भारत के उदय में अपनी सहभागिता को दर्ज कराएं।

ऐसे में किन मुद्दों पर पीएम मोदी लाल किले की प्राचीर से अपनी राय रख सकते हैं? जहां पिछले साल 2017 में लाल किले से प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी की हकीकत बयान करते हुए दावा किया कि उनके इस फैसले से कालेधन पर लगाम लगी है, क्या इस बार लाल किले से पीएम मोदी जुलाई 2017 में लागू हुए जीएसटी से कारोबार को पहुंचे फायदे का जिक्र करेंगे?

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